फतेहपुर, 4 मई
असोथर के एक गेस्ट हाउस में सैनिक कवि श्यामजीत सिंह शाम के नेतृत्व में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सांसद नरेश उत्तम पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में संतोष द्विवेदी,चेयरमैन नगर पंचायत नीरज सिंह सेंगर,इंद्रजीत सिंह,दलजीत निषाद,नंद किशोर पाल आदि अनेक लोग मौजूद रहे।सांसद ने कवियों का शील्ड देकर सम्मान किया।कवि सम्मेलन का संचालन गोविंद गजब ने किया।
कवि एवं शायर शिव शरण बंधु हथगामी ने सुनाया-कभी मिट्टी,कभी सोना,कभी इंसान बेचोगे,वतन के रहनुमाओं कब तलक ईमान बेचोगे,तुम्हारी हरकतों से तो यही मालूम होता है,तुम अपने हाथ से इक रोज हिंदुस्तान बेचोगे।कार्यक्रम के आयोजक एवं कवि श्यामजीत सिंह श्याम ने पढ़ा कि ना सिया तुम बनो ना बनो राधिका,प्यार में वरना फिर तुम छली जाओगी।कवि सम्मेलन के अध्यक्ष फिरोजाबाद से आए मंजुल मयंक ने पढ़ा कि पागल कुत्तों से बचना चाहता हूं,पर क्या करूं जब काट लेते हैं तब पहचान पाता हूं।संतोष दीक्षित ने सुनाया कि जब-जब सत्ता सोती है,तब कलमकार जग जाता है,अंधे पृथ्वीराज से भी वो,गोरी को मरवाता है।
बैसवारा के जाने-माने गीतकार सतीश कुमार सिंह ने सुनाया कि कंबल बना रहा सर्दी में सारी उम्र मैं जिनकी खातिर,फटे कोट सा टांग दिया है,मेरे अपने बच्चों ने।हास्य कवि संदीप शरारती ने सुनाया दीवार हो ऐसी कभी दरक नहीं सके,रणनीति हो ऐसी कोई परख नहीं सके, राजनीति वाला नाड़ा ऐसे बांधिए,चड्ढा कभी भी बीच से सरक नहीं सके। लरांची की संपदा ठाकुर,झारखंड की कई करुणा कलिका,ओज के कवि हिसार हरियाणा से प्रीतम नायक,शिवम हथगामी,आयुष यादव आदि ने भी काव्य पाठ किया
इस मौके पर शशि सिंह यादव,इंद्रजीत सिंह यादव प्रधानाचार्य,स्वतंत्र सिंह,सोनू यादव,पप्पू सिंह यादव,शैलेंद्र सिंह यादव,भानु प्रताप सिंह, संतोष सिंह चौहान,कप्तान सिंह मौर्य,शिवनंदन सिंह नंदकिशोर सिंह,करुणेश दुबे, फूल सिंह यादव,ऋषभ यादव,गुड्डू मौर्य आदि अनेक विशिष्ट लोगों ने कविताओं का आनंद लिया।इस दौरान सभी कवियों को सम्मानित किया गया।