
– संगोलीपुर में रात में जलधारा में कूदी प्रतिबंधित मशीनें, माफिया बेखौफ
द सुपरहिट न्यूज
फतेहपुर । जनपद में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर रोक लगाने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है !

ताज़ा मामला अढावल क्षेत्र के खंड-11 का है, जहां जलधारा के बीच अस्थायी पुल बनाकर खनन माफिया धड़ल्ले से बालू-मौरंग का अवैध खनन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, ओती और संगोलीपुर में भी जलधारा को बाधित कर नियमों को ताक पर रखकर खनन जारी है। हैरानी की बात यह है कि तीनों खदानों से जुड़े जीपीएस वीडियो सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि जिम्मेदार विभाग या तो आंखें मूंदे हुए हैं या फिर मिलीभगत के चलते कार्रवाई से बच रहा है।
बता दें कि अवैध खनन का यह पूरा खेल खनिज विभाग की कथित शह पर चल रहा है। एनजीटी के सख्त निर्देशों की खुलेआम अनदेखी कर पूरी रात प्रतिबंधित मशीनें जलधारा को नुकसान पहुंचा रही हैं। खदानों में माफिया पर्यावरण मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन बना हुआ है।

गौरतलब है कि जिले में ओवरलोड मौरंग-गिट्टी के वाहनों से अवैध वसूली का मामला पहले भी उजागर हो चुका है। एसटीएफ की कार्रवाई में बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था, जिसके बाद एआरटीओ पुष्पांजलि पर कार्रवाई हुई थी, जबकि खनिज अधिकारी देशराज पटेल जांच के दायरे में होने के बावजूद बच निकले थे। दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हुई थी और एआरटीओ कार्यालय समेत खनन से जुड़े कई लोगों को नामजद किया गया था।
हालांकि, प्राइवेट लोकेटरों की गिरफ्तारी के बाद कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिसका फायदा उठाकर खनन माफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं। मौजूदा हालात में अवैध खनन न सिर्फ सरकारी राजस्व को चूना लगा रहा है, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय जल स्रोतों के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है वहीं ओवरलोड परिवहन से सड़कें भी ध्वस्त हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।