
द सुपरहिट न्यूज ( रिपोर्ट : संदीप प्रजापति )
अमौली, फतेहपुर । विकास खंड अमौली की ग्राम पंचायत सिकंदरपुर में कराए गए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत पर गुरुवार को तीन सदस्यीय जांच टीम गांव पहुंची। जांच के दौरान कई निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और फर्जी भुगतान के मामले सामने आने की बात कही जा रही है। ।
बताया जा रहा है कि ग्राम सभा के पांच लोगों ने शपथ पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से शिकायत कर ग्राम प्रधान द्वारा कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। तत्कालीन जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। हालांकि बीडीओ, सचिव और ग्राम प्रधान की अनुपस्थिति के कारण जांच लंबे समय तक लंबित रही।
डीएम के सख्त निर्देशों के बाद गुरुवार को तीसरी बार जांच टीम सिकंदरपुर गांव पहुंची। इस दौरान डीसी मनरेगा, जिला लेखा परीक्षा विभाग के प्रतिनिधि, खंड विकास अधिकारी अमौली, सचिव, ग्राम प्रधान तथा शिकायतकर्ता मौजूद रहे। जांच में पंचायत भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण, आरसीसी कार्यों में फर्जी भुगतान, बिना निर्माण कराए सामुदायिक शौचालय के रखरखाव के नाम पर धन निकासी, केयरटेकर मद में भुगतान, राम सरोवर तालाब सुंदरीकरण में लाखों रुपये की निकासी, प्राथमिक व जूनियर विद्यालय में निर्माण कार्यों तथा इंटरलॉकिंग निर्माण में भारी अनियमितताओं की शिकायतों की पड़ताल की गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यदि मनरेगा के तहत कराए गए कच्चे कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है। वहीं जांच के बाद विकास खंड के अधिकारियों और पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। इस बाबत खंड विकास अधिकारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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