
द सुपरहिट न्यूज
फतेहपुर । जिला साइबर सेल ने सर्विलांस टीम की मदद से शहर के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित देवीगंज मोहल्ले में लंबे समय से संचालित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए तीन जनपदीय युवतियों समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ 72 हजार 930 रुपये नकद बरामद किए हैं।
साइबर क्राइम पुलिस के अनुसार प्रतिबिंब पोर्टल पर स्थान विशेष से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान मिले इलेक्ट्रॉनिक और अभिलेखीय साक्ष्यों के आधार पर किराये के मकान में छापेमारी की गई। यहां मेट्रोमोनियल साइट के नाम पर शादी कराने का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी की जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपितों में छत्तीसगढ़ निवासी आदित्य यदु, मध्य प्रदेश निवासी अनिल कुमार, छत्तीसगढ़ निवासी दिनेश कुमार बंजारे तथा फतेहपुर की नीलम, तनु शर्मा और श्रेया मिश्रा शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह शादी के इच्छुक युवक-युवतियों के मोबाइल नंबर एक विशेष वेबसाइट से हासिल करता था। इसके बाद अलग-अलग पैकेज का ऑफर देकर क्यूआर कोड भेजकर खातों में रकम जमा कराई जाती थी। भुगतान के बाद व्हाट्सएप पर लड़के-लड़कियों के फर्जी फोटो भेजे जाते थे और पसंद आने पर मोबाइल नंबर साझा कर बातचीत शुरू कराई जाती थी। एक-दो बार फर्जी युवतियों से बात कराकर भरोसा जीता जाता, फिर संपर्क तोड़ दिया जाता था। पुलिस के अनुसार यह कॉल सेंटर पिछले 18 महीनों से संचालित था।
छापेमारी में 8 सीपीयू, 7 मॉनिटर, लेजर प्रिंटर, 25 कीपैड मोबाइल, 3 एंड्रॉयड मोबाइल, 137 एयरटेल सिम, सीसीटीवी कैमरे, हार्ड डिस्क, बायोमैट्रिक डिवाइस, राउटर समेत अन्य उपकरण बरामद हुए। जांच में यह भी सामने आया कि आगरा निवासी अमित कुमार सरगना है उसने फर्म का पंजीकरण कराने और संचालन सामग्री उपलब्ध कराने में मुख्य भूमिका निभाई। वहीं कानपुर की एयरटेल कर्मी नंदिनी के माध्यम से बड़ी संख्या में सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में डेढ़ दर्जन से अधिक साइबर ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। इनमें छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के मामले शामिल हैं। वहीं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने प्रेस वार्ता में खुलासे की जानकारी देते हुए टीम को 15 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।