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फतेहपुर । जल संरक्षण, सुरक्षित पेयजल उपलब्धता और स्वच्छता को लेकर गुरुवार को शहर स्थित होटल भूमि में संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन वाटरएड इंडिया ने किया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और जल-स्वच्छता समितियों के सदस्य शामिल हुए। बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के अध्यक्ष एवं गंगा समग्र के प्रांत प्रमुख प्रवीण पांडेय ने कहा कि जलतीर्थों के संरक्षण के लिए समाज को पूर्वजों की पारंपरिक विधियों की ओर लौटना होगा। उन्होंने जल स्रोतों को बचाने को सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि तालाब, कुएं और नदी तट केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि हमारी विरासत हैं। वाटरएड के जिला समन्वयक आदित्य मिश्र ने बताया कि संस्था कई वर्षों से जिले में जल संरक्षण, पुनर्भरण और स्वच्छ पेयजल उपलब्धता के लिए कार्य कर रही है। कई तालाबों का पुनरुद्धार कराया गया है तथा वर्षा जल संचयन के लिए कुओं आधारित संरचनाएं विकसित की गई हैं। वर्तमान में 13 ग्राम पंचायतों में जल एवं स्वच्छता कार्यक्रम संचालित हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी रामशंकर वर्मा ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को स्वच्छ जल उपलब्धता की शर्त बताया। संगोष्ठी में ज्ञान तिवारी, विश्वनाथ तिवारी, राजमुनि यादव, स्वाति अवस्थी, राजेन्द्र साहू सहित कई वक्ताओं ने जल स्रोतों पर बढ़ते अवैध कब्जों पर चिंता जताई। अंत में जल संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।