जब उर्दू में पढ़ाई नहीं तो विद्यालय का नाम उर्दू में क्यों ?

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विद्यालय भवन में उर्दू में लिखा नाम

– विद्यालय भवन पर उर्दू में नाम लिखे जाने से विवाद, हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति

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खखरेरू, फतेहपुर । नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ धाता ब्लॉक के ग्राम अंजनाकबीर स्थित कंपोजिट विद्यालय में भवन पर विद्यालय का नाम उर्दू में लिखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए शिक्षा विभाग से कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों के नाम सामान्यतः हिंदी भाषा में लिखे जाते हैं, लेकिन विद्यालय के नए भवन पर हिंदी के साथ उर्दू भाषा में भी नाम अंकित किया गया, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष फैल गया। हिंदू सुरक्षा परिषद के पदाधिकारी आशीष शुक्ला ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब विद्यालय में उर्दू की पढ़ाई नहीं होती, तो उर्दू में नाम लिखने का औचित्य समझ से परे है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उर्दू में नाम लिखा जा सकता है तो संस्कृत को भी समान स्थान मिलना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। उधर प्रधानाध्यापक अयूब ने बताया कि नाम गलतीवश उर्दू में लिख गया था, जिसे बाद में मिटवा दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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