
द सुपरहिट न्यूज ( रिपोर्ट : विवेक मिश्र )
फतेहपुर । जनपद की अढावल खदान में अवैध खनन ने अब सारी हदें पार कर दी हैं। आरोप है कि एक पट्टेधारक ने यमुना की बहती धारा को ही बांध दिया और उस पर अस्थायी पुल बनाकर भारी वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी, साथ ही दर्जनों प्रतिबंधित मशीनें यमुना नदी में उतार दी हैं, यानी नदी भी अब माफियाओं के हिसाब से बह रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े खेल के बावजूद खनिज विभाग और अफसर पूरी तरह खामोश हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक महीने पहले भी ऐसे ही वीडियो सामने आए थे, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। अब सवाल उठ रहा है क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है ? जबकि खागा क्षेत्र में पूर्व में जब यमुना पर अवैध पुल बनाने का मामला सामने आया था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डीएम, एसपी, कमिश्नर समेत 9 अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। बीते साल भी जलधारा से छेड़छाड़ पर खनिज अधिकारी सौरभ गुप्ता पर कार्रवाई हुई थी लेकिन इस बार तस्वीर उलटी है। न कोई छापेमारी, न एफआईआर, सिर्फ सन्नाटा पसरा है।
– संरक्षण के आरोप, सिस्टम कटघरे में !
अढ़ावल गांव के ग्रामीण खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि खनिज और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी खुद इस खेल को संरक्षण दे रहे हैं। यही वजह है कि इतनी गंभीर पर्यावरणीय छेड़छाड़ के बावजूद अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत कर शासन स्तर से टीम भेजने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में सब कुछ सामान्य दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत में यमुना की धारा से खिलवाड़ जारी है।
– क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस बाबत एडीएम अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि जलधारा में पुल बनाने का मामला गम्भीर है। खदान में टीम को जांच के लिए भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।